एक हल्की कविता


मतलब वाली बात
मतलबी संवाद
सबकुछ जो हो
किसी मतलब से
-व्यर्थ है

व्यर्थ है
तुम्हारा कहना मुझसे
तुम्हारा पूछना मुझसे
कि मतलब क्या है
इन बातों का

सब व्यर्थ है-
आकार व्यर्थ
रूप व्यर्थ
अलंकार व्यर्थ
व्यर्थ सभी
ज़रूरी बातें

व्यर्थ है खोजना-
अपने हिस्से का सत्य
व्यर्थ है थोपना-
अपनी समझ का सत्य

अर्थ सिर्फ
निराकार है-
अर्थ सिर्फ शून्य।

-8.12.13

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